लखनऊ, अगस्त 11 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। मुरालेज पुस्तक भारतीय वास्तुकला के बदलते स्वरूप की एक सशक्त गवाही दे रही है। पुस्तक के माध्यम से हम भारतीय डिजाइन की उस कहानी को संरक्षित और साझा करना चाहते हैं, जो विभिन्न युग, शैलियों और संवेदनाओं को जोड़ती है। यह भारत की आधुनिक वास्तु पहचान को आकार देने में अहम भूमिका निभाती हैं। यह बात नियोगी बुक्स की मुख्य संचालन अधिकारी त्रिशा डी नियोगी ने कही। वह सोमवार को गोमतीनगर स्थित निजी होटल में मुरालेज: आर्किटेक्चर स्पेशियल नैरेटिव पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। पुस्तक की लेखिका वरिष्ठ वास्तुकार सविता अग्रवाल ने कहा कि वास्तुकला केवल इमारते बनाने का कार्य नहीं है।
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