बिजनौर, दिसम्बर 10 -- जिले में गुलदार आतंक का पर्याय बन गया है। जिले में गुलदार के लिए गन्ने की फसल मुफीद साबित हो रहा है। जिले में पिछले सालों में गुलदार का कुनबा तेजी से बढ़ा है। 1 जनवरी 2025 से अब तक वन विभाग के अधिकारियों ने करीब 36 गुलदार और शावक का रेस्क्यू किया है। आए दिन अलग-अलग वन रेंज में गुलदार पिंजरों में फंस रहे हैं। बावजूद इसके गुलदार का आतंक कम नहीं हो रहा है। जिले में वन क्षेत्रों से आकर गुलदार ने गन्ने की फसल को अपना आशियाना बना लिया है। 12 से 14 फिट ऊंचे गन्ने के खेत गुलदारों को पर्याप्त भोजना के साथ संरक्षण भी दे रहे हैं। गन्ने के खेतों में गुलदार अपना कुनबा भी बढ़ा रहा है। जिले में करीब 2 लाख 55 हजार हेक्टेयर में गन्ने की फसल है। जिधर देखों गन्ने का समु्रंद है। गुलदार शिकार करने के बाद गन्ने के खेत में चला जाता है। पिछले...