मेरठ, मार्च 9 -- मेरठ, संवाददाता। शांतिनाथ दिगंबर जैन पंचायती मंदिर असोड़ा हाउस में मनाए जा रहे अष्टान्हिका पर्व में शनिवार को भगवान मुनि सुब्रतनाथ विधान के दौरान आराधना और आरती की गई। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य रमेश चंद जैन को प्राप्त हुआ। मंदिर में कराए जा रहे विधान में रचित जैन ने बताया कि भगवान मुनि सुब्रत नाथ की आराधना से सभी अमंगल दूर हो जाते हैं। भगवान मुनि सुब्रत नाथ को जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर के रूप में पूजा जाता है और उनकी पूजा महा मंगलकारी मानी जाती है। उनका विधान करने का विशेष महत्व है, जिसे जैन मुनियों और आचार्यों द्वारा धर्मोपदेशों में विस्तार से बताया गया है। जैन मुनियों के अनुसार, मुनि सुब्रतनाथ भगवान का विधान करने से शनि ग्रह दोष का निवारण, आत्मशुद्धि, कर्म निर्जरा, मोक्ष मार्ग में प्रगति, कष्टों से मुक्ति और अनंत पु...
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