लखनऊ, जनवरी 20 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। मुतवल्ली वक्फ संपत्तियों के उपयोग, उनका उद्देश्य और उससे होने वाली आय का हिसाब देने से मुक्त नहीं हो सकते। राज्य सूचना आयोग ने वक्फ संपत्तियों से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया। आयोग ने सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को निर्देशित किया कि वह 15 दिनों में बिंदुवार, स्पष्ट व प्रमाणित अभिलेखों सहित पूरी सूचना उपलब्ध करवाए। जनसूचना अधिकारी पर आयोग ने 25 हजार का जुर्माना लगाया है। राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम की पीठ ने आदेश दिया है कि मुतवल्ली भले ही लोक प्राधिकारी की श्रेणी में न आते हों, लेकिन वक्फ संपत्तियों के उपयोग, आय और उद्देश्य का हिसाब देने से उन्हें मुक्त नहीं किया जा सकता। अभी तक वक्फ संपत्तियों के मुतवल्ली वक्फ संपति का हिसाब-किताब इस आधार पर देने से बचते रहे हैं कि वे लोक प्रा...