प्रयागराज, अगस्त 12 -- प्रयागराज। लाल पद्मधर सिंह वर्ष 1941 में स्नातक (विज्ञान) की पढ़ाई के लिए रीवां से इलाहाबाद विश्वविद्यालय आए थे। वे विश्वविद्यालय के उन 31 छात्रों में से एक थे, जिन्होंने 11 अगस्त 1942 को छात्रसंघ भवन में देश के लिए मर मिटने की शपथ ली थी। ठीक एक दिन बाद उन्होंने अपनी शपथ को पूरा करके दिखा दिया। जब अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के लिए छात्रसंघ के अध्यक्ष कमलेश मल्ल, यदुवीर सिंह, हेमवती नंदन बहुगुणा, राजमंगल पांडेय की अगुवाई में एक जुलूस निकला तो दूसरा जुलूस का नेतृत्व करती हुईं कमला त्रिपाठी, तेजी बच्चन, चिंता मालवीय, कांता कोचर के साथ दर्जनों छात्राएं कर्नलगंज व इंडियन प्रेस से होते हुए कचहरी की ओर बढ़ रही थीं। वर्ष 1963 में छात्रसंघ अध्यक्ष रहे श्याम कृष्ण पांडेय बताते हैं कि कचहरी में कलक्टर डिक्सन, पुलिस कप्तान व त...
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