नई दिल्ली, फरवरी 23 -- बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का कार्यकाल खत्म होते ही और आम चुनाव के बाद नई सरकार गठित होने ही राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के जज्बात भी बदल गए हैं। इतने दिनों से मोहम्मद यूनुस की अगुआई में चल रही बाग्लादेश की अंतरिम सरकार पर उन्होंने एक भी सवाल नहीं उठाया। अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते रहे और भारत के साथ रिश्ते खराब करने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई। अब शहाबुद्दीन कह रहे हैं कि मोहम्मद यूनुस ने उन्हें अंधेरे में रखा था।राष्ट्रपति को अलग-थलग करने में जुटे थे यूनुस बांग्लादेश की मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा कि मोहम्मद यूनुस ने ना तो कभी संस्थानों के बीच समन्वय पर ध्यान दिया और ना ही वह किसी भी फैसले को लेकर उन्हें कोई जानकारी देते थे। राष्ट्रपति ने कहा कि यहां तक कि विदेश दौरे की भी जानकारी उन्हें नहीं...
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