प्रयागराज, अक्टूबर 3 -- प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (मुविवि) के पाठ्यक्रम में अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का इतिहास भी पढ़ाया जाएगा। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने इस पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह कदम भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण होगा। प्रो. सत्यकाम ने बताया कि आरएसएस और भारतीय ज्ञान परंपरा के बीच गहरा संबंध है। संघ की विचारधारा केवल धार्मिक या दार्शनिक चिंतन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें सामाजिक, राजनीतिक और नैतिक मूल्यों का भी समावेश है। प्रो. सत्यकाम ने कहा कि संघ वसुधैव कुटुम्बकम, सहिष्णुता, विविधता, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी पर बल देता है। इसी भावना को प्रोत्साहन देने के लिए आरएसएस का इतिहास विश्वविद्यालय के यूजी-पीजी पाठ्यक्रमों में शामिल किय...