औरैया, फरवरी 8 -- फफूंद, संवाददाता। ब्लॉक भाग्यनगर के ग्राम केशमपुर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का विश्व शांति एवं सर्वकल्याण की कामना के साथ समापन हो गया। कथा समाप्ति पर हवन-यज्ञ और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समापन अवसर पर सर्वप्रथम कन्याओं व संत-महात्माओं को भोजन कराकर दक्षिणा देकर विदा किया गया। इसके बाद देर रात तक भंडारा चलता रहा और आसपास के गांवों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा वाचक आचार्य प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मनुष्य को जन्म-मृत्यु के बंधन से मुक्ति पाने के लिए भक्ति मार्ग से जुड़कर सत्कर्म करना चाहिए। उन्होंने बताया कि यज्ञ से वातावरण शुद्ध होता है और व्यक्ति को आत्मिक बल प्राप्त होता है, वहीं श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से भक्ति, ज्ञान और वैराग्य की भावना उत्पन्न होती...