नई दिल्ली, जनवरी 6 -- जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर नारेबाजी के चलते सुर्खियों में है। इस बार 'मोदी-शाह की कब्र खुदेगी, जेएनयू की धरती पर' जैसे विवादित और भड़काऊ नारे सामने आए हैं। नारेबाजी का वीडियो सामने आया, तो मामला एक बार फिर गरमा गया। अब छात्र संघ ने घटना पर अपनी सफाई दी है। JNUSU ने इसे मीडिया के एक हिस्से द्वारा असली सवाल से ध्यान भटकाने वाला बताया है। इसके साथ ही आरोप लगाया है कि ये JNU को बदनाम करने और स्टूडेंट्स पर जुल्म को बढ़ाने का संगठित तरीका है।2020 में हुए कांड की याद में जुटे थे छात्र संघ द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि हम लोग 5 जनवरी 2020 को JNU कैंपस में हुए हमले की याद में एकट्ठा हुए थे। छात्रों का आरोप है कि 2020 में हथियारबंद नकाबपोश गुंडों ने JNU कैंपस में घुसकर साबरमती हॉस्टल और दूसरे इलाकों मे...
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