नई दिल्ली, जनवरी 19 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। रेलवे ट्रेन परिचालन को सुरक्षित, तेज और अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए सभी पुराने-जर्जर रेलवे ट्रैक को बदलेगी। मिशन 'जीरो एक्सीडेंट' के तहत रेलवे आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंत तक पुराने 7,900 किलोमीटर रेलवे ट्रैक को हटाकर उनकी जगह नए ट्रैक बिछाएगी। सरकार का फोकस अत्याधिक यातायात दबाव को झेल रहे 'गोल्डन क्वाड्रिलैटरल' (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता) रेलमार्गों पर होगा। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुराने ट्रैक टूटने (रेल फ्रेक्चर) की घटनागओं को कम करने के लिए पुराने ट्रैक को आधुनिक 'हाई-टेन्साइल' स्टील रेल से बदला जाएगा। नए ट्रैक बिछाने से ट्रेनों की गति सीमा में सुधार होगा। विशेष रूप से वंदे भारत और मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे उनके रखरखाव का खर्च भ...
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