वाराणसी, नवम्बर 8 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। देश के कृषि विज्ञानी श्रीअन्न यानी मिलेट्स या लघु अनाज को भविष्य के भोजन के रूप में देख रहे हैं। बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान के शताब्दी कृषि प्रेक्षागृह में शुक्रवार को जुटे शीर्ष वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने लघु अन्न के विकास, बेहतर प्रबंधन और विपणन पर मंथन किया। यह दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन संस्थान के अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग, इंडियन सोसाइटी फॉर जेनेटिक्स ऐंड प्लांट ब्रीडिंग नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद लखनऊ की तरफ से आयोजित किया गया है। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि शोध तभी सार्थक है, जब उसका लाभ किसान और उपभोक्ता तक पहुंचे। उन्होंने वाणिज्य संकाय और प्रबंधन संस्थान के सहयोग से कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ने ...