भागलपुर, मार्च 19 -- भागलपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। माह-ए-रमजान बरकत और इबादत का महीना होता है। लोग पूरे महीना इबादत की तमाम रश्मों को निभाते हैं। इस पाक महीने में सबसे खास हैं वो नन्हे रोजेदार जो छोटी-सी उम्र में पूरी शिद्दत के साथ अल्लाह की इबादत में जुटे हैं। ये मासूम अपने अब्बू या घर के बड़ों के साथ मस्जिदों में जाकर नमाज अदा करते हैं तो पूरे दिन रोजे की पाबंदी को निभाते हैं। इनकी अम्मी इन्हें सुबह जगाकर सहरी कराती हैं। शाम में इनकी पसंद के अनुसार इफ्तार का इंतजाम भी करती हैं। कुछ नन्हे रोजेदार तो ऐसे हैं जो रोजे के दौरान स्कूल भी जा रहे हैं और पढ़ाई के साथ-साथ इबादत में कोई कमी नहीं रख रहे हैं। घरवाले उनकी हौसला-अफजाई कर रहे हैं और उन्हें रमजान के मायने और सब्र की सीख देते हैं। दिनभर रोजा रखने के बाद नन्हे रोजेदारों को शाम को इफ्तार...
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