बागपत, नवम्बर 29 -- बड़ौत। आचार्य सौरभ सागर महाराज ने कहा कि गुरु और शिक्षक में अंतर होता है। जहां शिक्षक हमे अक्षर ज्ञान देते हैं वहीं गुरु हमे अक्षय ज्ञान देते हैं। वे शनिवार को दिगंबर जैम अतिथि भवन में आयोजित धर्मसभा में मंगल प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अक्षय ज्ञान प्राप्त करके हम उस मार्ग का चयन करते हैं, जिसमें मिथ्यत्व को समाप्त करके समयत्व प्राप्त होता है। हमारी आत्मा ही हमें सुख और दुख का ज्ञान कराती है। आत्मा शाश्वत है, नश्वर है। सृष्टि सदा रही है और रहेगी, लेकिन हमारी आत्मा अमर है। पंचकल्याणक के माध्यम से हमें धर्म से जुड़ने का अवसर मिला है। काम तो हम पूरी जिंदगी करते है, लेकिन हमें इस समय का भरपूर उपयोग करना है और अपनी आत्मा का कल्याण करना है। सभा का संचालन अमित जैन द्वारा किया गया। सभा में पंकज जैन, अजय जैन काले, सुखमाल जै...
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