मधुबनी, फरवरी 1 -- मधेपुर,निज संवाददाता। मिथिला प्राचीन काल से ही ज्ञान की भूमि के लिए विश्व में ख्यातिलब्ध रहा है। मिथिला अप्रतिम विद्वान महाकवि विद्यापति, याज्ञवल्क्य, अष्टावक्र, आचार्य वन्दी, ऋषि कहोड़ सहित अन्य विद्वानों की भूमि रही है। यहां ज्ञान का विकास सबसे अधिक हुआ है। मिथिला का हर व्यक्ति ज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी होने की चेष्टा करता है। यह बातें बिहार के चर्चित वरीय आईपीएस अधिकारी आईजी सह बिहार राज्य योजना पर्षद के परामर्शी विकास वैभव ने कही। वे लखनौर प्रखंड के उमरी गांव स्थित आदर्श यशोधर सार्वजनिक पुस्तकालय के प्रांगण में शनिवार देर शाम युवा संवाद सह अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मिथिला संसार का ऐसा क्षेत्र है जहां ज्ञान का विकास हुआ है। ज्ञान का स्तर परखने के लिए प्राचीन काल से ही शास्त्रार्थ होने की य...