मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 14 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सिकंदरपुर गोशाल में चल रहे दस दिवसीय श्रीरामलीला के मंचन के तीसरे दिन रविवार को प्रभु श्रीराम जन्मोत्सव के बाद महर्षि विश्वामित्र जी का अयोध्या आगमन, ताराका वद्ध, अहिल्या उद्घार एवं मां जानकी के जन्मोत्सव के प्रसंग का मंचन हुआ। श्री रामलीला की प्रस्तुति श्रीकृष्ण मुरारी कामवन वृजधाम वाले के द्वारा दिया जा रहा है। दोपहर एक बजे महाआरती से रामलीला शुरू हुआ और शाम की आरती से पांच बजे संपन्न हुआ। श्रीरामलीला के कलाकारों की प्रस्तुति दर्शकों का मन मोह रहे हैं। प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए श्रीराम के जन्म के बाद, ऋषि विश्वामित्र राजा दशरथ के पास आए और अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राम और लक्ष्मण को अपने साथ ले जाने की मांग की, क्योंकि मारीच और सुबाहु जैसे राक्षस उनके अनुष्ठान में बाधा डाल रहे ...
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