फर्रुखाबाद कन्नौज, जुलाई 20 -- फर्रुखाबाद, कार्यालय संवाददाता। मेरापुर थाने के पखना गांव निवासी खूंखार मनू यदि पुलिस एनकाउंटर में नहीं मारा जाता तो वह और भी बच्चो को अपनी हवस का शिकार बना डालता। शुक्रवार को जब वह मुठभेड़ में ढेर हो गया तो क्षेत्र के लोगों ने एक बड़ा सुकून महसूस किया। क्योंकि खूंखार के निशाने पर नाबालिग बच्चे रहते थे। मनू टॉफी, चॉकलेट और रुपयों का लालच देकर बच्चों को वरगलाते हुए ले जाने का काम करता था। जो लोग मनू के बारे में जानते थे वह बच्चों को अपने घरों में ही कैद रखते थे। उसके चले जाने के बाद ही बच्चों को बाहर खेलने की इजाजत दी जाती थी। मनू अधिकर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे इलाकों में बच्चों को वरगलाने की कोशिश करता था जो कि सुदूर क्षेत्र होते थे। इससे पहले भी मनू की ओर से बच्चों को झांसे में लेकर हवस का शिकार बनाने का प्र...
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