नई दिल्ली, मार्च 10 -- बहुजन समाज पार्टी मुखिया मायावती के बदलते तेवरों से समाजवादी पार्टी के 'पीडीए' समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। मुसलमानों की हिमायत में भाजपा के प्रति आक्रामक रुख दिखाने वाली बसपा का यह रुख आगे भी बरकरार रहता है, यह अहम सवाल है। पर अगर ऐसा हुआ तो अखिलेश यादव को दलित संग मुस्लिम वोटों की जंग में कड़ा मुकाबला करना होगा। मायावती ने हाल में बजट, आर्थिक नीतियों, मदरसों के खिलाफ कार्रवाई जैसे तमाम मुद्दों पर भाजपा सरकारों पर तीखी बयानबाजी की है। यह बदला रुख कइयों को चौंका तो रहा है, पर इससे गैर भाजपाई विपक्षी दलों के मौजूदा व संभावित गठजोड़ पर भी असर पड़ सकता है। सपा गाहे बगाहे बसपा को भाजपा की 'बी' टीम बताती रही है। पर अगले विधानसभा चुनाव में शायद वैसे हालात न रहें जैसे 2024 के लोकसभा चुनाव के वक्त रहे थे। असल में लोकसभा चुन...
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