औरैया, नवम्बर 7 -- कस्बे के बाबरपुर स्थित सब्जी मंडी परिसर में चल रहे तीन दिवसीय 27वें मानस सम्मेलन के दूसरे दिन शुक्रवार को भरत चरित्र विषय पर गहन मंथन हुआ। मंचासीन विद्वानों ने भगवान श्रीराम के अनुज भरत जी के आदर्शों को भारतीय संस्कृति का श्रेष्ठतम उदाहरण बताते हुए कहा कि आज के समाज में भरत चरित्र अनुकरणीय है। वक्ताओं ने कहा कि भरत जी ने राजमुकुट को त्यागकर धर्म और भ्रातृ-प्रेम की ऐसी मिसाल पेश की, जो आज भी युगों-युगों तक प्रेरणा देती है। पुष्पांजलि शुक्ला, राजेश बुधौलिया, राम प्रपन्न दास, राजेंद्र पाठक, मालती जी और रामपाल सिंह जैसे विद्वानों ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि भरत जी का जीवन त्याग, निष्ठा और सेवा की अमर कथा है। अयोध्या का राज्य उनके चरणों में था, पर उन्होंने मर्यादा की रक्षा करते ...