पूर्णिया, जुलाई 1 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पहले जून से शुरू होने वाली मानसून का एक महीना पूरा हो गया लेकिन उस तरह की वर्षा नहीं हुई जिससे किसानों को धान रोपनी करने में सहूलियत हो। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यदि जून के अंत तक कम से कम 200 मिली मीटर वर्षा होती तो धान के किसानों को फायदा होता लेकिन अब तक मानसून की वर्षा मात्र 76 मिलीमीटर हुई है जो धान की खेती के लिए नाकाफी है। इधर सोमवार को भी दिनभर उमस भरी गर्मी का आलम रहा। दिन में एकाध बार आसमान में बदल दिखे और कहीं-कहीं ट्रेस रेन हुई। इस दौरान पूर्णिया का अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अगले 4 जुलाई तक सिर्फ बूंदाबांदी के आसार हैं। इसके बाद 5 और 6 जुलाई को थोड़ी बहुत वर्षा के उम्मीद जताए गए हैं। -पहली जुलाई को पूर्णिया क...