लखनऊ, जनवरी 10 -- ्मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा का वैकल्पिक हिस्सा नहीं, अपितु सतत व प्रभावी शिक्षा का मूल आधार है। सुल्तानपुर रोड, गोसाईगंज स्थित स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (एसएमएस) में शनिवार को आयोजित प्रिंसिपल्स कॉनक्लेव में यह बात सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कही। 'छात्रों एवं शिक्षकों का मानसिक स्वास्थ्य व सुख-समृद्धि: एक सहायक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण' विषय पर आयोजित कॉन्क्लेव में विधायक डॉ राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत आज विश्व की सबसे बड़ी शिक्षा व्यवस्था संचालित कर रहा है। जिसमें स्कूली शिक्षा में 24.8 करोड़ छात्र, 14.72 लाख स्कूल और 98 लाख शिक्षक शामिल हैं। जबकि उच्च शिक्षा में 4.33 करोड़ छात्र 40 हजार से अधिक संस्थानों में पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय मात्र 10 फीसदी से बढ़कर आज लगभग 80 फीसदी साक्षरता ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.