लखनऊ, अक्टूबर 11 -- लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि मानसिक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। मरीजों की संख्या के मुकाबले संसाधनों की कमी है। वहीं मरीज भी मानसिक रोगियों को अस्पताल लाने में हिचकते हैं। यही वजह है कि 60 से 65 प्रतिशत मानसिक रोगियों को उचित इलाज नहीं मिल पाता है। निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने कहा कि बहुत से ऐसे मरीज ओपीडी में आते हैं जो पेट दर्द, सिरदर्द व उल्टी जैसी शिकायत लेकर आते हैं। दूसरे विभागों में इलाज कराते हैं। इसमें वे कीमती समय गुजार देते हैं। जब इलाज से फायदा न हो। लक्षणों में कमी न आए तो मानसिक रोग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए। यह तनाव व दूसरी मानसिक बीमारियों के कारण भी हो सकता है। सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि जब कोई व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है, तो उसके शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर गड़बड़ा...
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