नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पारित महत्वपूर्ण फैसले में सभी राज्यों को मानव-वन्यजीव संघर्ष को 'प्राकृतिक आपदा' के रूप में वर्गीकृत करने पर सक्रिय रूप से विचार करने का आदेश दिया। इसके अलावा अदालत ने ऐसी घटनाओं में हुई हर मानव की मौत के लिए 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि भी भुगतान करने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह और ए.एस. चंदुरकर की पीठ ने टाइगर सफारी, बाघ अभयारण्यों के प्रबंधन और संवेदनशील बाघ परिदृश्यों के संरक्षण के संबंध में कई दिशा-निर्देश जारी करते हुए यह फैसला दिया। पीठ ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) को छह माह में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर मॉडल दिशानिर्देश तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही एनटीसीए द्वारा तैयार दिशा-निर्देशों को सभी राज्यों को छह माह में लागू करने का आ...
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