चंदौली, दिसम्बर 18 -- चहनियां, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के पक्खोपुर गांव में सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ महोत्सव के दौरान बुधवार को संत लक्ष्मी प्रपन्न जीयर स्वामी ने कहा कि मानव के अंदर मानवता और नैतिकता आ जाये तो वह और बड़ा हो जाता है। प्रहलाद जी भले ही दैत्य कुल राक्षस पुत्र थे,लेकिन उनके अंदर भगवान के प्रति भक्ति, नैतिकता और व्यक्तित्व अवर्णीनीय रहा। जीयर स्वामी कहा कि अगर इंसान सच्चे ढंग से भक्ति भाव और अपने काम मे मन लगाये तो वह कभी भी पतन के राह पर नहीं जा सकता है। प्रह्लाद जी के अंदर जो नैतिकता और भक्ति के कारण देवताओं में वे एक नम्बर पर रहे। प्रहलाद जी काफी कितनी विपरीत परिस्तिथियां आने पर विचलित नहीं हुए। उनके मन जगी आस्था को समाप्त करने के लिए आग में जलाने से लेकर पहाड़ से फेंकने का प्रयास किया गया। इसके अलावा सर्प से कटवाने के साथ ह...