समस्तीपुर, नवम्बर 19 -- सिंघिया, एसं। रामायण सत्संग समिति के तत्वावधान में बंगरहट्टा गांव स्थित ब्रह्म स्थान परिसर में आयोजित सप्ताहिक संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के दूसरे दिन मंगलवार को गोकर्ण व धुंधकारी के प्रसंग का वर्णन किया गया। अयोध्या धाम से आये आचार्य करण अर्जुन जी ने उक्त प्रसंग के तहत धुंधकारी जो पापात्मा था वो कैसे अपने भाई गोकर्ण के सत्कर्मों के द्वारा पुण्यात्मा बन गए पर विस्तार से चर्चा की। कथा वाचक आचार्य करण अर्जुन जी महाराज ने बताया कि धुंधकारी की कथा श्रीमद्भागवत महापुराण में जीवन के कर्मों, उनके फलों, और मोक्ष प्राप्ति का रहस्य समझाती है। आचार्य करण अर्जुन जी कथा के दूसरे दिन में धुंधकारी गोकर्ण उपाख्यान और अंतत: मोक्ष की प्राप्ति का उल्लेख विस्तार से किया। आचार्य ने बताया कि गोकर्ण धर्मात्मा, ज्ञानी और शांत स्...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.