बिहारशरीफ, फरवरी 10 -- मानव जीवन का असली मकसद ईश्वर की प्राप्ति : स्वामी युगल शरण कलियुग में मोक्ष का मार्ग केवल नाम संकीर्तन, ईश्वर को जाने बिना जीवन व्यर्थ रामायण, महाभारत और पुराणों का सार ईश्वर की भक्ति बिहारशरीफ में 15 दिनों तक चलेगा उपनिषद व्याख्यान, धर्म की बातें जानेंगे श्रद्धालु फोटो : युगल 01 : बिहारशरीफ के श्रम कल्याण केंद्र के मैदान में प्रवचन करते डॉ. स्वामी युगल शरण। युगल 02 : श्रम कल्याण केंद्र के मैदान में प्रवचन सुनते लोगों की भीड़। बिहारशरीफ, हमारे संवाददाता। नालंदा की धरती प्राचीन समय से ही आध्यात्मिक और ज्ञान का केंद्र रही है। यह पवित्र भूमि सतयुग से लेकर कलियुग तक अनगिनत संतों और स्वयं भगवान के अवतारों की साक्षी रही है। भगवान ने कभी वामन रूप में, कभी श्रीराम के रूप में, कभी श्रीकृष्ण के रूप में और कलियुग में महात्मा बु...
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