मुजफ्फरपुर, दिसम्बर 12 -- मुजफ्फरपुर, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। एसकेएमसीएच में लावारिस शवों की तय समय सीमा के अंदर अंत्येष्टि नहीं किए जाने का मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। मानवाधिकार मामलों अधिवक्ता एसके झा ने इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली और बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग, पटना के समक्ष दो अलग-अलग याचिका दाखिल की है। अधिवक्ता ने बताया कि लावारिस शवों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है। इन लावारिस शवों को 20 से 30 दिनों तक भी अंतिम संस्कार नहीं किया जाता है। इससे यह शव सड़ जाते है और दुर्गंध निकलने लगती है। उन्होंने कहा कि एसकेएमसीएच के पोस्टमार्टम हाउस में शव रखने वाला डीप फ्रीजर वर्षों से खराब है। इससे वहां शवों को रखने की भी उचित व्यवस्था नहीं है। लावारिस शवों के साथ ऐसा व्यवहार मानवाधिकार का उल्लंघन है। उन्हों...
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