रामगढ़, जनवरी 6 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि जब हालात किसी पिता की उम्मीदें तोड़ने लगें और नवजात की हर साँस संघर्ष बन जाए, तब यदि कोई सहारा बनकर सामने आए-तो उसे मानवता की सच्ची मिसाल कहा जाता है। ऐसा ही सराहनीय कार्य कर्णधार सामाजिक और सांस्कृतिक संस्था, रामगढ़ ने कर दिखाया है। गिरिडीह (झारखंड) जिले के माथा टोली निवासी चंदन हाजरा के नवजात शिशु का जन्म के साथ ही स्वास्थ्य सामान्य नहीं था। जन्म लेते ही शिशु को गंभीर रूप से सांस लेने में परेशानी होने लगी। चिंतित परिजनों ने पहले देवघर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज कराया, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने शिशु को रांची स्थित रानी चिल्ड्रन हॉस्पिटल रेफर कर दिया। इलाज लंबा खिंचने और बढ़ते खर्च के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे शिशु के पिता चंदन हाजरा ने अंततः कर्णधार सामाजिक एवं सांस्क...
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