जमशेदपुर, नवम्बर 16 -- आवारा पशुओं पर नकेल कसने में निकाय हमेशा फंड और संसाधन का रोना रोते रहते हैं, जबकि करोड़ों रुपये का फंड उनके पास है। बात चाहे कुत्तों के आतंक रोकने की हो या सांड़ पर काबू पाने की, वे हाथ खड़े कर देते हैं। पिछले दिनों जब डिमना रोड में बेकाबू सांड़ आतंक मचा रहा था तो लोगों ने मानगो नगर निगम के अधिकारियों को फोन कर पकड़ने की मांग की थी। इसपर अधिकारियों ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है। यही नहीं, वन विभाग तक ने सांड़ को काबू करने से मना कर दिया। अंततः टाटा जूलॉजिकल पार्क की टीम ने पहुंचकर सांड़ को ट्रेंकुलाइज किया। इन दोनों सरकारी विभागों के पल्ला झाड़ने से यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पशुओं को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी किसकी है। जेएनएसी, मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद तीनों निकायों ने स्पष...
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