बुलंदशहर, फरवरी 13 -- आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों का मुफ्त इलाज करने वाले सरकारी अस्पतालों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। जिले के 73 में से 68 सरकारी अस्पताल अब तक नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) के नए मानकों को पूरा नहीं कर पाए हैं। यदि 15 फरवरी तक इन मानकों और माइग्रेशन की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया गया, तो ये अस्पताल आयुष्मान योजना के पैनल से बाहर हो जाएंगे। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए बदली गई नियमावली स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े पर लगाम कसने के लिए नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने मानकों में बड़ा बदलाव किया है। अब अस्पतालों को मानक पूरा कर 'एचईएम पोर्टल 2.0' पर अपडेट करना अनिवार्य है। इसके लिए 35 इंडिकेटर तय किए गए हैं। जिले में फिलहाल 18 सीएचसी और 55 पीएचसी आयुष्मान पैनल पर हैं, जिनमें से अधिकांश की स्थिति मानकों के अनुसा...