रांची, मार्च 11 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव एवं जस्टिस दीपक रोशन की खंडपीठ में मंगलवार को झारखंड में अफीम, चरस, गांजा जैसे मादक पदार्थों की बिक्री एवं इसकी रोकथाम को लेकर कोर्ट के स्वतः संज्ञान से दर्ज मामले की सुनवाई हुई। खंडपीठ ने राज्य सरकार का जवाब देखते हुए इस जनहित याचिका को बंद करते हुए निष्पादित कर दिया। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि झारखंड पुलिस ने पिछले कई महीनों में राज्य के कई जिलों में अवैध रूप से चल रहे कई हेक्टेयर में अफीम की खेती को नष्ट किया है। अफीम, चरस, गांजा के तस्करों पर पुलिस ने लगाम लगायी है। मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री करने वाले पकड़े जा रहे हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस मादक पदार्थ...
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