गढ़वा, जनवरी 12 -- भवनाथपुर, प्रतिनिधि। प्रखंड क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की स्थिति पिछले छह माह से बेहद चिंताजनक है। अधिसंख्य पंचायतों में मनरेगा के तहत चलने वाली योजनाएं ठप पड़ी हैं। उससे हजारों निबंधित मजदूरों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जहां पहले मनरेगा के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर काम मिलता था, वहीं वर्तमान में प्रखंड की नौ पंचायतों में करीब 500 निबंधित मजदूरों को ही किसी तरह रोजगार मिल पा रहा है। ग्रामीण मजदूरों का कहना है कि मनरेगा ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन था लेकिन लंबे समय से कार्य बंद रहने के कारण परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। रोजगार के अभाव में कई मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे राज्यों में पलायन करने को विवश हैं। मजदू...
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