उरई, नवम्बर 21 -- जालौन। उदोतपुरा में नौ दिवसीय रामकथा के पांचवें दिन शास्त्री अमरदीप अवस्थी ने भगवान श्रीराम द्वारा धनुष भंग और माता सीता व प्रभु श्रीराम के विवाह उत्सव की कथा का श्रवण कराया। उदोतपुरा सरकार हनुमान मंदिर पर आयोजित नौ रामकथा के पांचवें दिन कथा वाचक ने कहा राजा जनक के यज्ञ में जब विश्व के कई राजकुमारों ने भगवान शिव के धनुष को उठाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सफल न हुआ, तब गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पर रामजी आगे बढ़े। उन्होंने सहज भाव से धनुष को हाथ में लिया और शिवजी के धनुष का भंजन हो गया। यह देख जनकपुर आश्चर्यचकित हो उठा। पूरे जनकपुर हर्ष की ध्वनि में गूंज उठा। पूरा पांडाल मंगलवनि में गूंज उठा। कथा के दौरान भजनमाला भी प्रस्तुत की गई। 'सब मिल बोलो बधाई' जैसे भजनों पर श्रद्धालु तालियां बजाते रहे और वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना र...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.