बागपत, अप्रैल 21 -- बड़ौत। बड़ौत के जैन स्थानक विशेष धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें जैन मुनि अरुण चन्द्र महाराज ने अपने प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन में धर्म के वास्तविक स्वरूप का ज्ञान कराया। प्रवचन सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। जैन संत ने कहा कि कि "माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। इस अवसर पर विशेष रूप से सभी पिता-पुत्रों को जैन स्थानक में आमंत्रित किया गया था। मुनि श्री ने सभी से वचन लिया कि वे कभी भी अपने माता-पिता को वृद्धाश्रम नहीं छोड़ेंगे, बल्कि अपने ही घर पर उनकी सेवा करेंगे और उन्हें सम्मान देंगे। उन्होंने समझाया कि आज के समय में जब भौतिकवाद हावी है, तब भी पारिवारिक मूल्यों को सहेजना आवश्यक है। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने सामायिक एवं...
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