बोकारो, फरवरी 28 -- बेरमो। उज्जैन से पधारे लोकेशानंद शास्त्री ने कहा कि जो गलत मार्ग से बचाएं और सन्मार्ग पर चलने को प्रेरित करे, वही धर्म है। इसलिए धर्म का सम्मान करते हुए उसका पालन अवश्य करें, इससे जीवन का कल्याण होगा। वहीं माता-पिता की सेवा व आज्ञा का पालन परम धर्म है। पूरा रामायण उठाकर देख लीजिए, मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने माता-पिता की सेवा व आज्ञा का पालन करने का संदेश पूरी दुनिया को दिया। पत्नी, भाई, परिवार, समाज व प्रजा प्रेम-कर्तव्य के बारे भी बताया। वहीं अधर्म की राह पर चलनेवालों का संहार भी किया। बेरमो कोयलांचल के ह्रदय स्थल फुसरो के करगली गेट स्थित मां दुर्गा मंडप के प्रांगण में श्रीरामचरितमानस नवाह्न परायण महायज्ञ में बतौर प्रवचनकर्ता लोकेशानंद बोल रहे थे। प्रतिदिन संध्या 7 बजे से लेकर रात 10 बजे तक प्रवचन दिया जा रहा...
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