रांची, दिसम्बर 14 -- रांची, वरीय संवाददाता। द्वारिकाधीश श्री राम मंदिर में गुरुवार को भी शिवमहापुराण कथा में स्रोताओं की भीड़ उमड़ी। कथा के छठे दिन आचार्य प्रिया प्रियतम दास ने कहा कि जो मनुष्य अपने माता-पिता की सेवा करता है, पूजा करता है और परिक्रमा करता है, उसे समस्त पृथ्वी की परिक्रमा का फल प्राप्त हो जाता है। माता-पिता की सेवा करने वाले पुत्र की चार चीजें नित्य बढ़ती हैं। उन्होंने कहा कि पत्नी के लिए उसका पति ही शिव रूप हैं। अतः पत्नी को पति के सेवा मात्र से संपूर्ण तीर्थों एवं पुराणों का फल प्राप्त हो जाता है। इस जगत में चार प्रकार की पतिव्रता स्त्री का वर्णन किया गया है। इसके बाद भगवान शिव-माता पार्वती जी के साथ कैलाश में एक हजार वर्ष तक विहार करते रहे। इतने में तारकासुर का अत्याचार बहुत बढ़ गया। सारे देवता उसके डर से मेरु पर्वत की ...