संभल, नवम्बर 27 -- नगर के कैथल गेट स्थित श्री देवी गंगा मंदिर में चल रही 17 दिवसीय श्री अन्नपूर्णा व्रत महोत्सव का समापन बुधवार को विधि विधान से किया गया। इसके बाद हवन-पूजन कर भंडारे का आयोजन किया गया। कथा से पूर्व माता अन्नपूर्णा का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पंडित मनोज शर्मा एवं प्रवेश शर्मा ने पंचामृत से स्नान कराया। माता की मूर्ति का सुंदर श्रृंगार कर पूजन हुआ। इस दौरान कथा व्यास पंडित भूदेव शंखधार ने कहा कि माता अन्नपूर्णा माता पार्वती का ही स्वरूप है, जो सृष्टि का पालन करती हैं। कथा में धनंजय ब्राह्मण का वृतांत सुनाते हुए कथा व्यास ने कहा कि महाराज युधिष्ठिर ने भगवान श्री कृष्ण से कहा कि मेरे साथ गाण्डीवधारी अर्जुन तथा भीमसेन को भी यह दुःख सहना पड़ रहा है। भोलेनाथ की सेवा करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। हे श्रीकृष्ण ! यह दुःख मेरे किन...