वरिष्ठ संवाददाता, जनवरी 2 -- माघ मेला का पहला स्नान पर्व शनिवार को है लेकिन अब तक संतों को सुविधा नहीं मिल सकी है। प्रशासनिक अफसर फोन उठा नहीं रहे हैं तो संतों के सब्र का बांध गुरुवार को टूट गया। प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज कई अखाड़ों के साधु-संत गुरुवार दोपहर बाद ओल्ड जीटी मार्ग स्थित सेक्टर छह के कार्यालय पर पहुंचे और कार्यालय का दरवाजा बंद कर वहीं चक्का जाम कर दिया। मनाने के लिए पुलिस के अफसर पहुंचे तो संतों ने उन्हें बैरंग लौटाया और मंडलायुक्त, जिलाधिकारी या मेलाधिकारी को बुलाने की मांग रखी। नाराज संतों ने मेला प्रशासन के अफसरों का पुतला भी फूंका। पहला स्नान पर्व तीन जनवरी को है। लेकिन अभी मेला क्षेत्र में काम पूरा नहीं हो सका है। कई संस्थाओं के शिविर तक नहीं लगे हैं। प्रदर्शनकारी संतों ने आरोप लगाया कि प्रशासन सारा काम एक ही संस्था से...