नई दिल्ली, जनवरी 2 -- माघ मेला प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित होने वाला विश्व प्रसिद्ध धार्मिक मेला है। इस मेले की सबसे विशेष साधना है कल्पवास। कल्पवास में श्रद्धालु माघ मास की एक निश्चित अवधि तक संगम के पास रहकर संयमित और सात्विक जीवन जीते हैं। यह साधना आत्मशुद्धि, अनुशासन और ईश्वर भक्ति का मार्ग है। कल्पवास करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति के योग बनते हैं। साल 2026 में माघ मेला 3 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। हजारों श्रद्धालु कल्पवास करेंगे। आइए जानते हैं कल्पवास क्या है, इसके नियम और महत्व।कल्पवास क्या है और कितने दिन का होता है? कल्पवास माघ मास में संगम तट पर रहकर की जाने वाली विशेष तपस्या है। यह सामान्य तौर पौष पूर्णिमा से शुरू होकर माघ पूर्णिमा तक चलता है। कुछ साधक 12 वर्षों तक कल्पवास करते हैं। कल्पवासी मेल...