प्रयागराज, जनवरी 29 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। प्रमुख स्नान पर्व बीतने के बाद माघ मेला में श्रद्धालुओं की भीड़ जरूर कुछ कम हुई है, लेकिन आस्था की राह अब भी आसान नहीं हो सकी है। संगम में डुबकी लगाने की आस लेकर आने वाले श्रद्धालु शहर से लेकर मेला क्षेत्र तक जाम, बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन में फंसकर घनचक्कर बन जा रहे हैं। भीड़ कम होने के बावजूद व्यवस्थाओं में रियायत न मिलने से श्रद्धालुओं की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। तीन जनवरी से शुरू हुआ माघ मेला अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर है। चार प्रमुख स्नान पर्व संपन्न हो चुके हैं और माघी पूर्णिमा व महाशिवरात्रि स्नान के साथ मेला समाप्त होगा। इन दिनों मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की संख्या पहले की तुलना में थोड़ी कम जरूर हुई है, इसके बावजूद संगम तक पहुंचने की राह श्रद्धालुओं के लिए अ...