वाराणसी, जनवरी 9 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। 'गईल माघ दिन उनतीस बाकी...' लोककवि घाघ की इस कहावत के अनुसार माघ की ठंडक शरीर की सहन शक्ति की परीक्षा लेती है। गुरुवार के मौसम ने इसे सच कर दिखाया। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बनारस प्रदेश में दूसरा सबसे सर्द शहर रहा। घने कोहरे से सुबह नौ बजे तक दृश्यता शून्य रही। बाबतपुर स्थित मौसम कार्यालय के अनुसार दिन भर बर्फीली पछुआ हवा की रफ्तार सात किमी प्रति घंटा रही, जिससे तापमान गिरा और शीतलहरी चल पड़ी। अधिकतम तापमान 11.6 और न्यूनतम 4.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह सामान्य से क्रमश: 9.5 और 3.8 डिग्री कम है। दिन में 11 बजे के बाद तक शीतलहरी का जोर रहा। दोपहर एक बजे के आसपास धूप निकली, लेकिन शीतलहरी के आगे बेअसर रही। इसके बाद गलन ने दोबारा जोर पकड़ लिया और शाम होते-होते देहात से शहर तक कोह...
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