कानपुर, जनवरी 6 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। माघ मेला में टेनरियों की गंदगी घरेलू नालों में नहीं गिरी तो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शोधित होकर गंगा में स्वच्छ जल पहुंचा। हालांकि माघ मेला का पहला स्नान पर्व खत्म होते ही हालात फिर जस के तस हो गए हैं। मंगलवार को इनलेट पर एक बार फिर जानवरों की खाल व गंदगी पाई गई। टेनरियों का रासायनिक उत्प्रवाह घरेलू नालों में गिरने से जाजमऊ स्थित 130 और 43 एमएलडी एसटीपी के इनलेट पर केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी) मानक से कई गुना अधिक दर्ज किया जाता है। दिसंबर के पहले सप्ताह की बात करें तो सीओडी मानक 600 मिग्री प्रति लीटर से ढाई गुना अधिक 1638 तक दर्ज किया गया। लिहाजा, एसटीपी में शोधन की प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई। मानकों के अनुरूप शोधन कार्य नहीं हुआ। इससे खेतों से होकर गंगा में दूषित जल गिरा। माघ ...