नई दिल्ली, दिसम्बर 28 -- केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक विधायक और भाजपा की एक नवनिर्वाचित पार्षद के बीच एक कार्यालय के स्थान को लेकर रविवार को तीखी बहस हुई। बाद में दोनों जनप्रतिनिधियों ने हाथ मिलाकर मतभेद भुला दिए। वट्टियूरकावु के विधायक वी. के. प्रशांत ने पत्रकारों को बताया कि पार्षद आर. श्रीलेखा ने उन्हें फोन कर सस्थामंगलम स्थित तिरुवनंतपुरम नगर निगम भवन में मौजूद उनका कार्यालय खाली करने को कहा। प्रशांत ने कहा कि उन्होंने मुझसे संपर्क कर मेरा कार्यालय खाली करने को कहा। प्रशांत ने आरोप लगाया कि यहां एक पार्षद सीधे एक विधायक को फोन कर कार्यालय खाली करने की मांग कर रही हैं। यह वैसा ही है जैसे पुलिस थाने में कामकाज किया जाता है। प्रशांत ने इस कदम की तुलना 'बुलडोजर राज' से करते हुए कहा कि उत्तर भारत के कुछ रा...
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