जमशेदपुर, मई 6 -- एमजीएम हादसे में जान गंवाने वाले नेत्रहीन मरीज श्रीचंद की मां ही उसकी देखभाल करती थी। उसे अस्पताल परिसर के गैरेज में बैठाकर रोटी खिलाती थी। उस समय उसका और कोई नहीं था। इससे बाद उसे मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया। घटना के बाद भी घायल मां को अस्पताल प्रशासन ने ही टीएमएच पहुंचाया। स्वास्थ्य मंत्री ने घटना के दिन घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके बाद से मंगलवार को श्रीचंद की पत्नी, बेटी और बेटा भी पहुंच गए और पोस्टमार्टम कराकर शव ले गए। उपाधीक्षक डॉ. नकुल चौधरी ने बताया कि उसकी बेटी शव लेने आई थी। शव पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए सौंपा गया। सूत्रों ने बताया कि ये लोग बालीगुमा से आए थे। दो दिन पहले अन्य दोनों मरीजों शवों को भी लेने के लिए उनके परिजन आ गए। इसमें डेविड जॉनसन की तो पत्नी एलीन...
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