श्योपुर, मार्च 20 -- मां के लिए उसकी संतान से बढ़कर कुछ नहीं होता और उसी संतान पर अगर थोड़ी सी भी आंच आ जाए तो वही मां काली,चंडी या साक्षात दुर्गा बन जाती है। ताजा मामला श्योपुर में विजयपुर के पास उमरीकला गांव का है। यहां घर में खेल रहे बच्चे पर कहीं से चीते ने हमला कर दिया। चीते ने बच्चे को जबड़े में दबा लिया। यह सब होते जब मां ने देखा तो वह सब छोड़कर अपनी संतान को बचाने में लग गई। चीते से मां का संघर्ष 10 मिनट तक चला और आखिर में उसने बच्चे की जान बचा ली। बेटे सुरक्षित है हालांकि डॉक्टकरों ने उसके शरीर में 120 टांके लगाए हैं। उमरीकला गांव में 9 साल का अविनाश उर्फ निर्मल धाकड़ शाम 6:30 बजे अपने घर की बाउंड्री के पास खेल रहा था और उसकी मां मवेशियों को चारा डाल रही थी। इस दौरान चीता आया और उसने वहां खेल रहे बच्चे पर हमला कर दिया। चीते ने बच...
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