बुलंदशहर, जनवरी 28 -- "अभी जिंदा है मां मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा, मैं घर से जब निकलता हूं दुआ भी साथ चलती है..." शायर मुनव्वर राना का ये शेर मुजफ्फरनगर जिले के मोघपुर के किसान सुदेश पाल मलिक की जिंदगी को चरितार्थ करता है। मुजफ्फरनगर के मोघपुर निवासी किसान सुदेश पाल मलिक ने बताया कि उनकी उम्र करीब 65 वर्ष है। उनकी मां यगवीरी की उम्र करीब 92 वर्ष है। करीब 25 साल पहले उनके घुटने खराब हो गए थे, जिसके बाद उनकी मां ने उनकी सेहत में सुधार के लिए कई व्रत और पूजा-अर्चना की। परिणाम स्वरूप अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और घुटनों में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी भी नहीं है। करीब चार दिन पहले उनकी मां को जब महाकुंभ लगे होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने स्नान की इच्छा प्रकट की। इसके बाद वह अपनी मां को बुग्गी में बैठाकर खुद ही खींचते हुए प्रयागराज के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.