मेरठ, जनवरी 12 -- मेरठ के कपसाड़ में मां की हत्याकर बेटी का अपहरण करने के बाद हुए हंगामे को लेकर डीआईजी कलानिधि नैथानी ने खुलासा किया है कि इस कांड की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व फिजां खराब कराना और संघर्ष कराना चाहते थे। घटना को जातीय रंग देने और विवाद को तूल देने का प्रयास किया गया था। पुलिस-प्रशासन ने इस साजिश को नाकाम कर दिया और घटना के 60 घंटे बाद ही अपह्ता को बरामद किया है। पीड़ित परिवार को सुरक्षा दी गई है। कपसड़ां में खौफनाक कांड के बाद सपा-बसपा और सांसद चंद्रशेखर आजाद की पार्टी आसपा ने जमकर हंगामा किया था। तीनों दलों के नेताओं ने कपसड़ा जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने रोका तो धक्कामुक्की और नोकझोंक होती रही थी। इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया था। हालांकि डीआईजी ने किसी दल या नेता का नाम नहीं लिया है। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने ...