पूर्णिया, दिसम्बर 10 -- जलालगढ़, एक संवाददाता। जलालगढ़ प्रखंड के सीमा गांव के चौहान टोला में स्थित मां काली मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र है। ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर वर्ष 1948 से स्थापित है और इसे एक जागृत शक्तिपीठ माना जाता है। मंदिर में हर साल रामनवमी पर मां काली की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है और अगले वर्ष विधि-विधान के साथ उसका विसर्जन किया जाता है। इसके अलावा प्रतिवर्ष 48 घंटे का अष्टयाम या श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन भी होता है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस वर्ष 10 दिसंबर से मंदिर परिसर में 48 घंटे का अष्टयाम शुरू होगा। तैयारियां तेजी से चल रही हैं। अष्टयाम के दौरान दूर-दराज से महिलाएं और पुरुष पहुंचते हैं और हजारों की भीड़ उमड़ती है। मंदिर परिसर को आकर्षक ढ...
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