वाराणसी, नवम्बर 8 -- वाराणसी, हिन्दुस्तान संवाद। माता अन्नपूर्णा को प्रसन्न करने के लिए किया जाने वाला 17 दिवसीय वार्षिक व्रतानुष्ठान 10 नवंबर से आरंभ होगा। व्रत पूर्ण होने पर 26 नवंबर को पूर्वांचल के किसानों की ओर से अर्पित की जाने वाली धान की बालियों से मां अन्नपूर्णा का विशेष शृंगार किया जाएगा। इस अवसर पर संपूर्ण मंदिर परिसर को धान की बालियों से सजाया जाएगा। यही धान की बालियां 27 नवंबर को प्रसाद स्वरूप भक्तों को मंदिर के प्रथम तल से वितरित की जाएंगी। अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकरपुरी महाराज 17 गांठों वाला सूत्र 10 नवंबर को अपने हाथों से भक्तों को वितरित करेंगे। पुरुष इसे दाहिनी और महिलाएं बाईं भुजा में बांध कर व्रत की शुरुआत करेंगी। महंत शंकर पुरी ने बताया कि बीते चार दशकों से मैं स्वयं इस परंपरा का साक्षी हूं। इस मंदिर में दूर दराज के...