कोडरमा, नवम्बर 15 -- कोडरमा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। झारखंड सरकार द्वारा देशी मांगुर मछली को राजकीय मछली का दर्जा दिए जाने के बाद राज्य में मत्स्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की संभावना बढ़ गई है। हालांकि फिलहाल जिले में मांगुर संरक्षण अथवा प्रोत्साहन को लेकर कोई विशेष योजना संचालित नहीं है। कोडरमा जिला राज्य के प्रमुख मत्स्य उत्पादक जिलों में शामिल है। तिलैया डैम जलाशय तथा मरकच्चो प्रखंड स्थित पंचखेरो डैम जिले के बड़े मत्स्य उत्पादन केंद्र माने जाते हैं। इस वित्तीय वर्ष में जिले के लिए 21,600 मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मछुआरों का कहना है कि वे मांगुर पालन के इच्छुक हैं, लेकिन वर्तमान में थाई मांगुर (विदेशी प्रजाति) के पालन पर रोक होने से वे पहल नहीं कर पा रहे हैं। वहीं, देशी मांगुर को राजकीय मान्यता मिलने क...