गिरडीह, जनवरी 16 -- बेंगाबाद। एकीकृत बिहार और अलग झारखंड के सदन में गरीब, दलित, पीड़ित एवं शोषितों की लड़ाई के हुंकार भरनेवाले कॉ. महेंद्र सिंह भले ही आज हम सबके बीच नहीं है, लेकिन उनकी विचारधारा आज भी जिंदा है। कॉ. महेंद्र सिंह की विचारधारा को अक्षुण बनाये ही रखना उनके शहादत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और उनके विचारधारा को अपना कर ही शोषितों, पीड़ितों और वंचितों के लिए न्याय की आस जगेगी। सादा जीवन जीनेवाले शख्श कॉ. महेंद्र सिंह की बिहार और झारखंड के राजनीतिक क्षेत्र में एक अलग पहचान थी। सरल स्वभाव और मृदुभाषी के धनी रहे कॉ. महेंद्र सिंह अनुशासित ढंग से सदन में लोगों के हित में आवाज बुलंद करते थे। जिस कारण उन्हें उत्कृष्ट विधायक के सम्मान से भी नवाजा गया था। लेकिन विडम्बना इस बात की है कि सदन में गरीबों की लड़ाई का हुंकार भरनेवाले चिर...